क्या आपको पता है DDT का छिडकाव करने या मच्छर मारने की कोइल जलाने से 15% मच्छर नहीं मरते । कारण जानकर हैरान रह जाओगे ।

मच्छर के बारे बारे में कौन नही जानता । यह एक छोटा और खतरनाक प्राणी है । लगभग सभी घरों में ये दिख जाएगा । मच्छर के काटने से डेंगू हो जाता है जो जानलेवा है । एक बात जानने योग्य की मलेरिया या डेंगू केवल मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से होना है । नर मच्छर के काटने से मलेरिया नहीं होती है । मच्छर हमारे आसपास अनावश्यक पानी के जमाव से पनपते हैं और हमें ही नुकसान पहुंचाते हैं । मच्छर को मारने के लिये पहले DDT का छिडकाव किया जाता था । फिर भी सभी मच्छर नहीं मरते थे । कुछ मच्छर बच ही जाते थें । इसमें एक प्रकार का साइंस है ।

 जब हम मच्छरों के उपर लगातार 2-4 बार कोइल या DDT का छिडकाव करते हैं तो कुछ समय बाद मच्छर नहीं मरते हैं । यह इसलिए क्योंकि उन दवाइयों के प्रति मच्छरों में एंटीबायोटिक का निर्माण हो जाता है । मतलब उस दवा के खिलाप उनके शरीर प्रतिरोधात्मक शक्ति बन जाती है ।पहले – पहले तो दवाइयों का छिडकाव करने से मच्छर मर जाते थे क्योंकि वे प्रतिरोधात्मक शक्ति नहीं बना सकते थे लेकिन कुछ मच्छर बच जाते थे क्योंकि उनके शरीर में उस दवाइ के खिलीप प्रतिरोधात्मक शक्ति बन जाती है ।

 बाद में आप जितनी बार भी उस दवा का छिडकाव करो मच्छर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि उस दवा के खिलाप मच्छर में प्रतिरोधात्मक शक्ति बन गयी है । एक और जानने योग्य बात की सिकलिन बीमारी से पीड़ित वक्ति को जीवनभर में कभी भी मलेरिया नहीं होता ।

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